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इंस्टाग्राम रील के चक्कर में चली गई जान! दोस्त वीडियो बनाता रहा, युवक नदी में समाता रहा…

इंस्टाग्राम रील के चक्कर में चली गई जान! दोस्त वीडियो बनाता रहा, युवक नदी में समाता रहा…

कोरबा के कुसमुंडा क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने सोशल मीडिया की दिखावे वाली मानसिकता और युवाओं की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विकास नगर स्थित अहिरन नदी में नहाने गए एक युवक की डूबने से मौत हो गई, और सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उसका दोस्त पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाता रहा।

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मृत युवक की पहचान निखिल के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मंगलवार को निखिल अपने दोस्तों के साथ अहिरन नदी पहुंचा था। वहां उसने अपने दोस्त से कहा कि वह नदी में छलांग लगाते हुए उसका वीडियो बनाए ताकि उसे इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया जा सके। दोस्त मोबाइल कैमरा ऑन कर वीडियो बनाता रहा और निखिल नदी में कूद गया।

वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि निखिल पहले कुछ देर तक पानी में तैरता है। लगभग एक मिनट तक वह सामान्य दिखाई देता है, लेकिन अचानक उसका शरीर पानी में नीचे जाने लगता है। पहले तो ऐसा लगता है कि वह मजाक कर रहा है, लेकिन कुछ ही सेकंड में वह पूरी तरह नदी में समा जाता है। वीडियो बना रहा दोस्त घबरा जाता है, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

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सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब युवक डूब रहा था, तब आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल बचाव की कोशिश क्यों नहीं की? क्या आज की पीढ़ी में “पहले वीडियो बनाओ, बाद में मदद करो” वाली मानसिकता इतनी हावी हो चुकी है कि किसी की जान से ज्यादा अहम सोशल मीडिया कंटेंट हो गया है?

घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों की टीम ने मंगलवार शाम तक युवक को तलाशने की कोशिश की, लेकिन अंधेरा बढ़ने के कारण रेस्क्यू रोकना पड़ा। बुधवार सुबह फिर से खोजबीन शुरू हुई। बाद में State Disaster Response Force की टीम भी मौके पर पहुंची और घंटों तक नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली।

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परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी लापरवाही बरती गई। गोताखोरों के पास पर्याप्त ऑक्सीजन व्यवस्था नहीं थी। जो उपकरण लाए गए, उनका नोजल तक सही तरीके से फिट नहीं हो पा रहा था। घंटों तक तकनीकी अव्यवस्था चलती रही और युवक का शव नदी में ही पड़ा रहा।

आखिरकार लगभग 24 घंटे बाद, देर रात करीब एक बजे निखिल का शव खुद-ब-खुद पानी के ऊपर आ गया। मौके पर मौजूद परिजन और दोस्तों ने शव को देखा और बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।

यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि समाज के लिए चेतावनी है। इंस्टाग्राम रील, वायरल वीडियो और सोशल मीडिया लाइक्स की अंधी दौड़ युवाओं को सीधे मौत के मुंह तक ले जा रही है। नदी कितनी गहरी है, बहाव कितना तेज है, तैरना आता है या नहीं — इन बुनियादी बातों को नजरअंदाज कर लोग केवल “कंटेंट” बनाने में लगे हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार अहिरन नदी पहले भी कई युवाओं की जान ले चुकी है। हर साल यहां डूबने की घटनाएं होती हैं, लेकिन न प्रशासन स्थायी सुरक्षा व्यवस्था कर पाया और न ही लोग सबक लेने को तैयार हैं। सवाल यह भी है कि आखिर ऐसे खतरनाक स्थलों पर चेतावनी बोर्ड, सुरक्षा बैरिकेड और निगरानी व्यवस्था क्यों नहीं है?

आज जरूरत सिर्फ शोक जताने की नहीं, बल्कि जागरूक होने की है। एक वीडियो, एक रील या कुछ लाइक्स किसी की जिंदगी से ज्यादा कीमती नहीं हो सकते। नदी, तालाब और बांध जैसे स्थान मनोरंजन नहीं, खतरे का क्षेत्र भी हो सकते हैं। थोड़ी सी लापरवाही जिंदगी भर का मातम बना देती है।

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